मुंबई, 6 नवंबर 2026: धनतेरस के मौके पर मुंबई पुलिस ने चोरी और गुमशुदगी का शिकार हुए नागरिकों को बड़ी राहत दी है। दक्षिण मुंबई के सात पुलिस थानों की टीमों ने विशेष अभियान चलाकर करीब 2.31 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस ने बरामद सामान उसके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया।
इस कार्रवाई में 238 मोबाइल फोन, 19 मोटरसाइकिल और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल थीं। लंबे समय से अपना सामान वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह त्योहार खुशियां लेकर आया।
Mumbai Police Recovery: ₹2.31 करोड़ से ज्यादा का सामान बरामद
मुंबई पुलिस के दक्षिण परिमंडल-1 की टीमों ने चोरी और गुम हुए सामान का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में कुल ₹2,31,51,287 मूल्य की संपत्ति बरामद की गई।
पुलिस ने विभिन्न मामलों की जांच, तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों की मदद से सामान का पता लगाया।
बरामद संपत्ति को संबंधित शिकायतकर्ताओं तक पहुंचाने के लिए धनतेरस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सात पुलिस थानों की टीमों ने मिलकर की कार्रवाई
इस अभियान में दक्षिण मुंबई के सात पुलिस थानों की टीमों ने हिस्सा लिया।
इनमें कुलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव, आग्रीपाड़ा, एमआरए मार्ग, डोंगरी और सर जे.जे. मार्ग पुलिस थाने शामिल थे।
पुलिस आयुक्त देवेन भारती और संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज शर्मा के मार्गदर्शन में अभियान चलाया गया।
अलग-अलग इलाकों में दर्ज शिकायतों की जांच के बाद पुलिस ने चोरी और गुम हुए सामान की तलाश की।
CEIR पोर्टल से 238 मोबाइल फोन का पता चला
मोबाइल फोन की बरामदगी में Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
CEIR एक सरकारी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और उसका पता लगाने में सहायता मिल सकती है।
पुलिस ने मोबाइल फोन के IMEI नंबर और तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के दूसरे जिलों और अन्य राज्यों में इस्तेमाल हो रहे कुछ फोन का भी पता चला।
इस तकनीकी सहायता से पुलिस कुल 238 मोबाइल फोन बरामद करने में सफल रही।
धनतेरस पर 150 नागरिकों की मौजूदगी में लौटाया सामान
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया ने बरामद सामान नागरिकों को सौंपा।
रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में लगभग 150 लोग मौजूद रहे।
जिन लोगों के मोबाइल फोन और वाहन चोरी हो गए थे या गुम हो गए थे, उन्हें अपना सामान वापस मिलने से राहत मिली।
कई नागरिकों ने पुलिस की कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
चोरी हुई 19 मोटरसाइकिलें भी मिलीं वापस
मोबाइल फोन के अलावा पुलिस ने 19 मोटरसाइकिलें भी बरामद कीं।
वाहन चोरी होने पर मालिकों को आर्थिक नुकसान के साथ रोजमर्रा की यात्रा में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में मोटरसाइकिलों की बरामदगी संबंधित परिवारों के लिए राहत की खबर बनी।
पुलिस ने स्वामित्व से संबंधित आवश्यक जांच के बाद वाहन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।
मोबाइल चोरी या गुम हो जाए तो क्या करें?
अगर आपका मोबाइल फोन चोरी हो जाता है या कहीं खो जाता है, तो जल्द कार्रवाई करना जरूरी है।
सबसे पहले संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करके सिम कार्ड बंद करवाएं।
आप भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर जाकर खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक करने का अनुरोध भी कर सकते हैं।
इसके लिए आमतौर पर मोबाइल का IMEI नंबर और आवश्यक शिकायत संबंधी विवरण चाहिए होते हैं।
मोबाइल वापस मिलने के बाद संबंधित प्रक्रिया के अनुसार उसे अनब्लॉक करवाया जा सकता है।
CEIR की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.ceir.gov.in/
धनतेरस पर मुंबई पुलिस की पहल क्यों है खास?
धनतेरस पर लोग नई वस्तुएं खरीदते हैं और अपने परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
ऐसे अवसर पर चोरी या गुम हुई कीमती वस्तुएं वापस मिलना प्रभावित परिवारों के लिए विशेष महत्व रखता है।
मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी सामने आया कि तकनीकी जांच और अलग-अलग पुलिस थानों के बीच समन्वय से संपत्ति संबंधी मामलों में मदद मिल सकती है।
Mumbai Police Recovery की प्रमुख जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना | चोरी और गुम हुआ सामान लौटाया |
| तारीख | 6 नवंबर 2026 |
| अवसर | धनतेरस |
| स्थान | दक्षिण मुंबई |
| बरामद संपत्ति का मूल्य | ₹2,31,51,287 |
| मोबाइल फोन | 238 |
| मोटरसाइकिल | 19 |
| शामिल पुलिस थाने | 7 |
| कार्यक्रम में उपस्थित नागरिक | लगभग 150 |
| मोबाइल बरामदगी में मदद | CEIR पोर्टल |
निष्कर्ष
मुंबई पुलिस ने धनतेरस पर विशेष अभियान के तहत ₹2.31 करोड़ से अधिक मूल्य का चोरी और गुम हुआ सामान बरामद करके उसके वास्तविक मालिकों को लौटाया।
इस कार्रवाई में 238 मोबाइल फोन और 19 मोटरसाइकिलें शामिल थीं। सात पुलिस थानों की संयुक्त मेहनत और CEIR जैसी तकनीकी व्यवस्था ने बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
त्योहार से पहले सामान वापस मिलने से प्रभावित नागरिकों को आर्थिक और व्यक्तिगत राहत मिली।
